भारतीय मजदूर किसान संगठन अ भारत के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी युवा किसान नेता ने महाराष्ट्र सरकार पर लगाया लापरवाही का आरोप एक तरफ जहां SRA प्रशासन के अधिकारियों बिल्डर की मिलीभगत से गरीब मजदूरों को नया घर देने के बहाने घर तोड़ दिया जाता है।
और फिर अपात्र और पात्र का खेल शुरू होता है।जितने घर तोड़े जाते है।उसमें से 30% से 40% लोगों को बेघर कर दिया जाता है।प्राप्त जानकारी के अनुसार SRA बिल्डिंग का निर्माण भी घटिया गुणवत्ता का होता है।
जो जांच का विषय है।एक ही परिवार में एक से ज्यादा फ्लैट दिया जाता है।SRA के बड़े बड़े अधिकारी और बिल्डर मिलकर गरीबों को बेघर करके काली कमाई करके भ्रष्टाचार करते है।मलाड कांच पाड़ा दहिसर पूर्व शांतिनगर में जो SRA बिल्डिंग बनाई गई या बन रही है।
उसमें काफी मात्रा में लापरवाही की गई।कई गरीबों को बेघर किया गया।राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी ने बताया कि SRA का उद्देश्य गरीबों को नया घर बनाकर देना है।उनको बेघर करना नहीं। लेकिन कुछ भ्रष्ट SRA अधिकारियों और बिल्डर मिलकर गरीबों का शोषण कर रहे है।नया घर देने के नाम पर उनका घर तोड़ दिया जाता है।फिर उनको अपात्र करके बेघर कर दिया जाता है।जो उचित नहीं हैं।इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए।संगठन के द्वारा बताया गया कि हमारा संगठन इस मामले में पहले एक पत्र SRA प्रशासन बांद्रा माननीय प्रधानमंत्री महोदय को भी दिया था। लेकिन आज भी मजदूरों की वही दशा है। अभी कुछ दिनों पहले भ्रष्ट SRA प्रशासन बिल्डर की लापरवाही के कारण एक दुर्घटना हुई।जिसमें कई जख्मी और कुछ लोगों ने अपनों को खोया।जिम्मेदार कौन?जवाबदार कौन


