उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने आज प्रशिक्षु अधिकारियों को सफल, प्रभावी और सिटीजन सेंट्रिक पुलिस अधिकारी बनने के लिए 'संवाद, संवेदनशीलता और सकारात्मकता' का मंत्र दिया।
महाराज जी ने कहा है कि प्रशिक्षण के दौरान यह सीखना सबसे अधिक आवश्यक है कि वास्तविक समस्याओं का प्रभावी और संतुष्टिपरक समाधान कैसे किया जाए।
पुलिस हमेशा फर्स्ट रिस्पॉण्डर होती है। आपकी तत्परता, भाषा और प्राथमिकता पर ही पीड़ित का विश्वास टिका होता है। ह्यूमन इंटेलिजेंस आज भी किसी भी पुलिस अधिकारी का सबसे बड़ा हथियार है। स्थानीय लोगों से संवाद, फील्ड में उपस्थिति और विश्वास ही आपको मजबूत बनाते हैं।
पुलिस का जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद गरिमापूर्ण और संयत होना चाहिए। जनप्रतिनिधि जनता की आवाज होते हैं। उनके साथ तालमेल कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाता है।

